vrandavan ghume

 वृंदावन देश के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यदि आप वृंदावन घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो निम्नलिखित चीजें ध्यान में रखने में मदद मिलेगी:

  1. सही समय चुनें: वृंदावन धर्म स्थल होने के कारण इसे पूजा उत्सवों जैसे होली, जन्माष्टमी, दिवाली आदि के समय बहुत भीड़ होती है। अगर आप शांतिपूर्ण घूमना चाहते हैं तो इन उत्सवों के टाइमिंग से बचें।

  2. स्थानों की सूची बनाएं: वृंदावन में कई ऐसे स्थान हैं जो धर्म से जुड़े हुए होते हैं, जैसे श्री कृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी मंदिर, गोविन्द देव जी मंदिर, इत्यादि। इन सभी स्थानों की सूची बनाएं और इन्हें जरूर देखें।

  3. ठहरने की व्यवस्था करें: वृंदावन में कई होटल और धर्मशालाएं हैं जो ठहरने की व्यवस्था करते हैं। आप अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं।

  4. स्थानीय भोजन का स्वाद लें:





वृंदावन की कुछ खास जगह
  1. श्री कृष्ण जन्मभूमि
  2. बांके बिहारी मंदिर
  3. इस्कॉन मंदिर
  4. श्री गोपीनाथ मंदिर
  5. श्री राधा रमण मंदिर
  6. निधिवन मंदिर
  7. श्री बालाजी मंदिर

इसके अलावा भी वृंदावन में कई ऐसी जगहें हैं जो धार्मिक और आध्यात्मिक उत्सवों से जुड़ी हुई हैं।

  1. श्री कृष्ण जन्मभूमि: श्री कृष्ण जन्मभूमि वह स्थान है जहाँ से भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। यह स्थान हिंदू धर्म का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है।

  2. बांके बिहारी मंदिर: बांके बिहारी मंदिर वह स्थान है जहाँ पर भगवान कृष्ण के दो सबसे लोकप्रिय मूर्तियों में से एक बांके बिहारी लाल की मूर्ति होती है।

  3. इस्कॉन मंदिर: इस्कॉन मंदिर वह स्थान है जो कृष्ण भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है। यह मंदिर वैदिक संस्कृति और भक्ति के साथ भगवान कृष्ण की प्रशंसा करता है।

  4. श्री गोपीनाथ मंदिर: श्री गोपीनाथ मंदिर वह स्थान है जहाँ गोपीनाथ जी की मूर्ति स्थापित है। यह स्थान भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा हुआ है।

  5. श्री राधा रमण मंदिर: श्री राधा रमण मंदिर वह स्थान है



यहाँ हर जगह काफी दुरी पर है
  1. श्री कृष्ण जन्मभूमि से बांके बिहारी मंदिर लगभग 3.5 किलोमीटर (2.2 मील) की दूरी पर स्थित है।
  2. इस्कॉन मंदिर से श्री कृष्ण जन्मभूमि की दूरी लगभग 10.5 किलोमीटर (6.5 मील) है।
  3. श्री राधा रमण मंदिर से श्री कृष्ण जन्मभूमि की दूरी लगभग 2.5 किलोमीटर (1.5 मील) है।
  4. श्री गोपीनाथ मंदिर से श्री कृष्ण जन्मभूमि की दूरी लगभग 1.5 किलोमीटर (0.9 मील) है।

इन सभी स्थानों के बीच सबसे सुविधाजनक तरीका टैक्सी या ऑटोरिक्शा है.

जन्मभूमि की खासियत

श्री कृष्ण जन्मभूमि भारत में एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जो हिंदू धर्म के इतिहास और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। इस स्थान का महत्व इस बात से है कि इसी जगह पर भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था।

श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में एक श्वेत धातु का जन्मस्थल स्थापित है, जिसे श्री कृष्ण जन्मस्थल के रूप में जाना जाता है। इस स्थान पर भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था और यहां पर एक मूर्ति भी स्थापित है जिसे भगवान कृष्ण की जन्म तिथि पर पूजा किया जाता है।

श्री कृष्ण जन्मभूमि एक धार्मिक स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि इतिहास, कला और संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थान भी है। इस स्थान पर भारतीय संस्कृति, धर्म और ऐतिहासिक परंपराओं की गहरी जड़ें हैं।

प्रेम मंदिर की खासियत

प्रेम मंदिर का मुख्य भवन श्वेत मार्बल से बना हुआ है जो अपनी शानदार वास्तुकला और सुंदरता के लिए जाना जाता है। मंदिर के भीतर एक अत्यंत सुंदर वृंदावन थीम के साथ भगवान कृष्ण और राधा जी की मूर्तियां हैं।

प्रेम मंदिर में अलग-अलग क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के लिए भिन्न-भिन्न आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। यहां पर रात्रि के समय भगवान कृष्ण की आरती भी की जाती है।

इसके अलावा, प्रेम मंदिर के बाहर भी विभिन्न स्थल हैं जो श्रद्धालुओं के लिए बहुत खास हैं। इनमें से एक खास अंग है प्रेम गली, जो एक बड़ी और सुंदर पेड़ों से भरी गली है भी है.

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