बुरहानपुर को "दक्कन का द्वार" कहा जाता है क्योंकि यह मध्य प्रदेश राज्य के निमाड़ प्रांतिक विभाजन में स्थित है और भौगोलिक रूप से दक्षिणी भारत की ओर है। दक्कन का द्वार का अर्थ होता है "दक्षिण की ओर का दरवाज़ा" या "दक्षिण का प्रवेश द्वार।" बुरहानपुर की स्थापना के बाद में दक्षिण भारत के महानगरों जैसे बीजापुर, हैदराबाद और गोलकोंडा के साथ संबंध थे, जिसके कारण इसे दक्कन का द्वार कहा जाता है।
बुरहानपुर में कई मुग़ल सम्राटों ने राज किया था। निम्नलिखित मुग़ल सम्राटों ने बुरहानपुर पर शासन किया था:
जहांगीर (1600-1605): मुग़ल सम्राट जहांगीर ने बुरहानपुर को अपनी शासनादेश में स्थापित किया था। उन्होंने यहां परियोजनाएँ शुरू कीं, उनमें से सबसे प्रमुख थीं बड़ा तालाब।
लाहौर: जहांगीर का शासनकाल लाहौर को मुग़ल साम्राज्य की प्रमुख शहरों में से एक बनाया। यहां पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण इमारतें और बाग़-बगीचे बनवाए।
अगरा: जहांगीर ने अगरा को भी अपनी राजधानी के रूप में चुना। यहां पर उन्होंने ताज महल की निर्माण की योजना बनाई थी, जो बाद में उनके पुत्र और मुग़ल सम्राट शाहजहाँ द्वारा पूरी की गई।
अजमेर: जहांगीर ने राजपूताना के अजमेर को अपने शासनकाल में मुग़ल साम्राज्य का महत्त्वपूर्ण स्थान बनाया। उन्होंने यहां पर शानदार इमारतें और साम्राज्यिक सुविधाएँ विकसित की थीं।
शाहजहाँ (1605-1627): बाद में, जहांगीर के पुत्र और मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने बुरहानपुर को अपनी राजधानी बनाया। उन्होंने यहां शानदार और व्यापारिक इमारतें और बाग़-बगीचे बनवाए थे। बुरहानपुर में उनका मकबरा, जिसे शाही कब्रिस्तान के रूप में जाना जाता है, भी स्थित है।
शाहजहाँ (जन्मनाम खुर्रम शाह) मुग़ल साम्राज्य का पांचवां सम्राट था। वह अपने पिता जहांगीर के उत्तराधिकारी थे और मुग़ल साम्राज्य के राज्यकर्ता बने। शाहजहाँ ने 1627 से 1658 तक मुग़ल साम्राज्य का कायम धारक बना रहा।
शाहजहाँ ने अपने शासनकाल में कई महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की। उन्होंने आगरा को अपनी राजधानी बनाया और यहां पर कई सुंदर और प्रसिद्ध इमारतें बनवाईं, जिनमें से सबसे प्रमुख है ताज महल। ताज महल को शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। यह विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल है।
शाहजहाँ के शासनकाल में भी कला, साहित्य और सांस्कृतिक विकास की गति थी। उन्होंने अपने समय में बहुत सुंदर और महलवाले बाग़ बनवाए, जिनमें से शालीमार बाग़ और निशात बाग़ प्रसिद्ध हैं। उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध इमारतें मेहराब, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-ख़ास, रंग महल और जमा मस्जिद शामिल हैं।
उनके शासनकाल में आर्थिक संकट भी थे और शाहजहाँ ने अपने पुत्र और उत्तराधिकारी औरंगज़ेब के सामर्थ्य को महसूस किया। उन्होंने 1658 में बादशाहत से संन्यास ले लिया और अपने बादशाही अवधि के बाद उन्हें लाहौर में अस्थायी रूप से कैद कर दिया गया। उनकी मृत्यु 1666 में हुई।
शाहजहाँ ने अपने शासनकाल में कई स्थानों पर राज्य किया। उनकी राजधानी आगरा थी, जहां से वह मुग़ल साम्राज्य का प्रशासन करते थे। इसके अलावा, उन्होंने अन्य प्रमुख शहरों पर भी अपना राज्य बनाया। कुछ महत्वपूर्ण स्थानों में उनका राज्य शामिल है:
दिल्ली: शाहजहाँ ने दिल्ली को अपने शासनकाल में मुग़ल साम्राज्य की राजधानी बनाया। यहां पर उन्होंने राजमहल को सुंदरता से सजाया था।
लाहौर: शाहजहाँ ने लाहौर को अपने शासनकाल में महत्त्वपूर्ण शहर बनाया। यहां पर उन्होंने शालीमार बाग़ को बनवाया था, जो एक आकर्षक मुग़ल बाग़ है।
अहमदाबाद: शाहजहाँ ने गुजरात के अहमदाबाद को भी अपने शासनकाल में राज्य किया। यहां पर उन्होंने सुल्ताना दुल्ल बनवाया था, जो उनकी माँ मुमताज़ महल की याद में बनायीं गई थीं।
बुरहानपुर: शाहजहाँ ने मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में भी राज्य किया था। यहां पर उन्होंने बुद्धिस
औरंगजेब (जन्मनाम मुहीउद्दीन मुहम्मद) मुग़ल साम्राज्य का छठा सम्राट था। वह अपने पिता शाहजहाँ के उत्तराधिकारी और मुग़ल साम्राज्य के राज्यकर्ता थे। औरंगजेब का शासनकाल 1658 ईस्वी से 1707 ईस्वी तक था।
औरंगजेब ने अपने शासनकाल में विभिन्न स्थानों पर राज्य किया। उनकी राजधानी दिल्ली थी और वहां से वह मुग़ल साम्राज्य का प्रशासन करते थे। उन्होंने बहुत सारे सम्राटीय कार्यकाल के दौरान अपना राज्य विस्तार किया और बड़ी संख्या में युद्धों की जीत हासिल की।
हालांकि, औरंगजेब के शासनकाल में धार्मिक और राजनीतिक संघर्षों के कारण वे विवादित हुए थे। उनकी नीतियों को लेकर विवाद थे और उन्हें विशेष रूप से हिंदू धर्मियों के प्रति असहयोगी बताया गया। इसके अलावा, उनके शासनकाल में अर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल भी थे।
औरंगजेब ने अपने शासनकाल में कई स्थानों पर राज्य किया। उनका शासनकाल लगभग 49 वर्ष चला था और उन्होंने भारत में विभिन्न प्रान्तों को अपने नियंत्रण में लिया। यहां कुछ महत्वपूर्ण स्थानों के बारे में बताया जा रहा है जहां औरंगजेब ने राज्य किया:
दिल्ली: औरंगजेब की राजधानी दिल्ली थी और वहां से वह मुग़ल साम्राज्य का प्रशासन करते थे। उन्होंने दिल्ली को अपनी राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्रबिंदु के रूप में बनाए रखा।
आगरा: औरंगजेब ने आगरा में भी अपना शासन किया। वहां पर उन्होंने अपने दौर में कई महल और सुंदर इमारतें बनवाईं, जिनमें से जहांगीर महल और मोती मस्जिद प्रमुख हैं।
आहमदनगर: आहमदनगर (वर्तमान तेलंगाना, भारत) औरंगजेब का मुख्य कार्यक्षेत्र था। उन्होंने यहां पर गोलकोंडा फ़ोर्ट का आधारशिला रखा और इसे अपनी शक्ति का प्रतीक बनाया।
बिजापुर: औरंगजेब ने बिजापुर


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