शनि की बहन है माँ ताप्ती
ताप्ती नदी को सूर्य पुत्री भी कहा जाता है, यह मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुल्ताई से निकली है। इस स्थान को मूलतापी के नाम से भी जाना जाता है। मुलतापी का अर्थ है तापी का मूल (तापी माता) ताप्ती सूर्य एवं उनकी पत्नी छाया की पुत्री है और ये शनि देव की बहन है।
इतिहास
बैतूल पूरे देश मे माँ ताप्ती के उदगम के लिए प्रसिद्ध है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शनों के लिए आते है, यहां मंदिर के साथ साथ ताप्ती नदी का प्रवाह भी देखने को मिलता है। एसा लगता है जैसे इसी स्थान पर रुके रहे, इसके बारे में स्कंद पुराण में पूरी जानकारी दी हुई है। स्कंद पुराण के अंतर्गत ताप्ती महान्त्म्य का वर्णन है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माँ ताप्ती सूर्यपुत्री और शनि की बहन के रुप में जानी जाती है। यही कारण है कि जो लोग शनि से परेशान होते है उन्हे ताप्ती मे स्नान करनेे से राहत मिलती है। ताप्ती सभी का ताप कष्ट हर उसे जीवन दायनी शक्ति प्रदान करती है।
बारिश में कुछ इस तरह होता है ताप्ती का नजाराबुरहानपुर में हुआ है संगम
वैसे तो कहा जाता है की ताप्ती नदी किसी भी नदी में नहीं मिलती पर बुरहानपुर में एक जगह ऐसी भी है जहा ताप्ती नदी एक नदी से मिली है वह है, बुरहानपुर से 4 किलोमीटर की दुरी मोहना संगम, यहाँ पर ताप्ती और मोहना नदी का संगम हुआ है। इस जगह पर एक शिव जी शिव जी का मंदिर है जो बहुत प्राचीन है, शिव मंदिर से देखे जाने पर मोहना और ताप्ती का संगम स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
शॉर्टकट
- ताप्ती नदी की लम्बाई - 740 km
- उदगम - बैतूल के पास मुक्ताई
- कहा तक जाती है - गुजरात स्थित खम्भात की खाड़ी, अरब सागर
सूर्यनारायण की पुत्री है माँ ताप्ती
ऐसी मान्यता है की भगवान सूर्यनारायण ने स्वयं के ताप को कम करने के लिए ताप्ती मैया को निचे भेजा था। एक बार की बात है भगवान शंकर के जटा से निकली भागीरथी गंगा मैया में 100 बार स्नान कर महादेव के नेत्र से निकली एक बून्द से जन्मी माँ नर्मदा कही जाने वाली मैया के दर्शन और ताप्ती मैया के दर्शन दोनों का पुण्य लाभ हमें एकसमान मिलता है। शास्त्रों में लिखा है की यदि किसी मृत देह की हड्डी ताप्ती के जल में प्रवाहित करने से उस मृत आत्मा को मुक्ति मिल जाती है। इसका एक चौकाने वाला तथ्य यह भी है की ताप्ती मैया के पावन जल में किसी भी मृत व्यक्ति का तर्पण कार्य सम्पादित किया जा सकता है।
सात कुंड है यहाँ
- 1. सूर्यकुण्ड
- 2. ताप्ती कुण्ड
- 3. धर्म कुण्ड
- 4. पाप कुण्ड
- 5. नारद कुण्ड
- 6. शनि कुण्ड
- 7. नागा बाबा कुण्ड ;
- 1. सूर्यकुण्ड
- 2. ताप्ती कुण्ड
- 3. धर्म कुण्ड
- 4. पाप कुण्ड
- 5. नारद कुण्ड
- 6. शनि कुण्ड
- 7. नागा बाबा कुण्ड ;
यह है इन सातो कुंडो के बारे में लोगो की धारणाये
1. सूर्यकुंड के बारे में कहा जाता है की इस कुंड में स्वयं सूर्यदेव ने स्नान किया है।
2. ताप्ती कुंड के बारे में कहा जाता है की सूर्यदेव के प्रकोप से पशु-पक्षी, देव-दानव आदि की रक्षा करने हेतु ताप्ती माता की पसीने के तीन बूंदो के रूप में पहले आकाश उसके बाद धरती और फ़िर पाताल पहुंची, इसकी एक बूंद इस कुण्ड में पहुंची और बहती हुई आगे की तरफ नदी के रूप में परिवर्तित हो गई।
3. धर्म कुंड के बारे में कहा जाता है की यहाँ यमराज (धर्मराज) ने स्वंय स्नान किया है जिस कारण से यह धर्म कुण्ड कहलाता है।
4. पाप कुंड के बारे में मान्यता है की इस कुंड में सच्चे मन से पापी व्यक्ति ताप्ती मैया का ध्यान करके स्नान करता है तो उसके सारे पाप धुल जाते है।
5. नारद कुंड के बारे में कहा जाता है की यहाँ पर देवर्षि नारद ने श्राप रूप में हुए कोढ के रोग से मुक्ति पाई थी और 12 वर्षो तक मां ताप्ती की तपस्या करके उनसे वर मांगा था।
6. शनि कुंड के बारे में कहा जाता है की शनि अपनी बहन ताप्ती के घर पर आने से पहले इसी कुण्ड में स्नान करने के बाद उनसे मिलने गए थे। इस कुण्ड में स्नान करके मनुष्य को शनिदशा से लाभ मिलता है।
7. नागा बाबा कुंड को नागा सम्प्रदाय के नागा बाबाओं का कुण्ड कहते है जिन्होने यहां के तट पर कठोर तपस्या की थी और भगवान शिव को प्रसन्न किया था। इस कुण्ड के पास सफेद जनेउ धारी शिवलिंग भी है।
बुरहानपुर के बारादरी से लिया गया फोटो
जो वर्त्तमान में हो रहा है
वैसे तो ताप्ती नदी का जल बहुत से लोगो का जीवनदाता है क्योकि कई जगह पर इसके पानी को रोक कर बड़े बड़े डेम बनाये गए है और पानी कई शहरो में उपयोग किया जाता है जैसे की बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में इसका पानी रोक कर पुरे नेपानगर को सप्लाय किया जाता है। वैसे तो कई जगह इसके पानी का उपयोग होता है कई शहर हो या गांव लोग यहाँ नहाने के साथ-साथ अपने कपडे भी इस नदी में धोते है तो कही पर इसमें कचरा तक डाला जाता है बुरहानपुर शहर की ही बात ले ली जाये तो पुरे बुरहानपुर की नालियों का पानी ताप्तीं नदी में ही मिलाया गया है नालियों के जरिये सारा गन्दा पानी ताप्ती में जाकर मिल जाता है जिससे ताप्ती का पानी भी प्रदूषित होता है।
मध्यप्रदेश की दूसरी प्रमुख नदी है ताप्ती
ताप्ती नदी मध्यप्रदेश की दूसरी प्रमुख नदी है। इस नदी का धार्मिक ही नही आर्थिक सामाजिक महत्व भी है । सदियों से अनेक सभ्यताएं यहां पनपी और विकसित हुई है। यह नदी पूर्व से पशिचम की और बहती है और इस नदी के किनारे बरहानपुर और सूरत जैसे नगर बसे है। जो ताप्ती के पानी का भरपूर उपयोग करते है ताप्ती अरब सागर में खम्बात की खाडी में गिरती है जहा इसका समापन होता है. श्रद्धा से इसे ताप्ती गंगा भी कहते है।
कुण्डी भंडारा, बुरहानपुर (खुनी भंडारा)2021/04/kundi-bhandara-khuni-bhandara-burhanpur.html



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